#दायरे
मुझे मेरे दायरों के मुताबिक जीना आता है ,
तेरी खामोशियों से भी खुद के लिए वक्त को पिरोना आता है।
तू बेरुखी से नजरें फेर ले तो क्या!
तेरी दी हुई तन्हाइयों से भी समंदर को भिगोने आता है ।
वक्त मेरे लिए तेरे कहने से चलता है , वक्त मेरे लिए तेरे कहने से चलता है
फिर कभी कभी एहसास होता है वक्त बस मेरा नहीं सबका बदलता है।

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