##सफलता जीवन का मूल उद्देश्य
कुछ कर तू, न डर तू, सबेरा होगा वक्त जरूर बदलेगा।
समय है चलेगा दिन है तो ढलेगा
पर रूकना है नहीं, एक दिन तू जरूर संभलेगा।
शूल हैं रास्तों में पथ रोकेंगे ही कहीं
पर थमना है नहीं, प्रतिदिन फूल की तरह खिलना है सही।
अज्ञानता शिश उठा के अधर्म से जोड़ेगा कभी
पर झुकना है नहीं, कर्त्तव्य आप आप से करेंगे सभी।
विमुख हुई परिस्थितियां हौसला तोड़ेगी ही कभी न कभी
पर टूटना है नहीं, प्रकाश की तरह खुद को बिखेरना है कहीं न कहीं।
मुश्किलों के चक्रव्यूह में उलझना है कभी
पर साथ छोड़ना है नहीं, काल चक्र को मोडना है सही।
भय है लगेगा, हृदय और तेज़ चलेगा
पर सांसों को रोकना है नहीं, पग को पथ पर आगे बढ़ाना है सही ।
अंधकार छाया है, हर पल धुंधला है अभी
पर आंखों को बंद करना है नहीं, पलकें झुका कर हमारा आगे चलना है सही।
विफलता का मंच है, परिवर्तन अनंत है
पर धैर्य को खोना है नहीं, विश्व के इस पटल पर अवसर जीवनपर्यंत है।
निराशा है टूटने का एहसास है
पर अथक प्रयास रोकना है नहीं, विश्वास कर प्रसंग पर लक्ष्य तक तू स्वयं के संग है ।
डगमगा रहे कदम, अधर में है जैसे जीवन
पर हिलना है नहीं, अडिग रह अपने डगर पर प्रकृति का नियम है परिवर्तन ।
विफलता है अवसर बनाएगी ही कहीं
पर कोशिश रोकना है नहीं, विजय होना है विकास की अवधारणा है सही।
##सफलता जीवन का मूल उद्देश्य ।
##आत्मविश्वास सफलता का मूलमंत्र।
##स्वयं का परिक्षण सफलता का मार्ग।
##आत्मनिर्भरता सफलता का प्रयास।

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