#समय

                      समय



 कुछ सुना रहा है अनकही दास्तां

चलने के लिए रास्तों को बदलना बता रहा है।

खामोशी को आज पंख लगा कर 

आसमान में नजरों से उड़ना सीखा रहा है ।

थके हुए इन सपनों को 

दौड़ में जितने का एहसास दिला रहा है।






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