#मुझे खुद के लिए नहीं तेरे लिए जीना था # मां के दिल की बात। । # संघर्ष
मुझे खुद के लिए नहीं तेरे लिए जीना था , मां अपनी बेटी से आज कहती है जब बिटिया के सारे दोस्त अपने अपने घर को चले जाते हैं जन्मदिन की बधाईयां देकर।
आज बिटिया १८ वर्ष की हो गई है।मां अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती है अब तू बड़ी हो गई है ,तू मुझसे भी अधिक समझदार है।
आज तक मेरे पास जो भी था वो सब मैं खुशी खुशी देती रही आगे भी देती रहूंगी । आज का दिन तुम्हारे लिए खास है आज तुमको क्या चाहिए बताओ, बिटिया खुश हो कर बोल पड़ी मां मुझे भी स्कूटी चाहिए दिला दो न ।
मां अन्दर से टूट गई पर चेहरे पर एक अच्छी सी मुस्कान लाकर बोली हां जल्दी ही दिला दूंगी तू बस अच्छे से मन लगाकर पढ़ना और बड़ अफ़सर बनना। बिटिया ने सर हिलाया और हामी भरते हुए बोली हां मां मैं खुब मन लगा कर पढूंगी।
मां जब भी काम करती सोचती रहती इस काम से पैसे कम मिल रहे हैं ऐसा क्या करूं कि स्कूटी के लिए पैसे इकट्ठे हो जाएं ,वह सोचती अगर रखे हुए पैसे से स्कूटी ले लेती हूं तो बीटिया को बाहर पढ़ने कैसे भेजूंगी। मां हर वक्त खोई खोई सी रहने लगी उसे बुलाने पर सुनती भी न थी।
एक दिन जब बैठे बैठे मां को काम करते हुए कुछ न सूझा तो मां ने निर्णय किया कि वो अपनी बिटिया को सब सच सच बता देगी की उसके पास बस उतने पैसे ही हैं जिनमें वो बिटिया को बाहर पढ़ने के लिए भेज सकती है । मां ने यह भी सोच रखा था कि वह एक साल बाद पैसे इकट्ठे कर के स्कूटी ज़रूर खरीद देगी। मां यह सब सोचते सोचते काम की जगह पर ही सो गई।
जब बिटिया अपना रिजल्ट लेकर घर आती है बहुत उत्साहित होकर मां को पुकारती है ,मां की आवाज़ न सुन कर वो हड़बड़ा कल हर जगह मां को ढूंढने लगती है ,मां को पहली बार वह इस तरह से काम करते करते सो जाता देख सोच में पड़ जाती है।
यह साधारण सी दिखने वाली घटना उसे अंदर से हिला टर रख देती है ,वह आहिस्ता से मां के सर पर हाथ फेरते हुए उनको जगाती है, कहती है आप इस क्यों सो रही थीं अगर थक गई थीं तो थोड़ी देर आराम कर लेना था। मां घबरा कर उठी कही नहीं नहीं थकी नहीं हूं न जाने कैसे आंख लग गई ,तू परेशान न हो मुझे थोड़ा काम और करना है तब तक तू हाथ मूंह धोकर खाना खा ले मैं आती हूं।
मां को ऐसे देख कल बीटिया अपनी खुशी का का रण भूल गई वह मां को बताना भूल गई कि वह बारहवीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान से पास हुई है। उसके मन में तरह तरह के विचार चल रहे थे कहीं मां को कोई परेशानी तो नहीं है ,वह सोचते सोचते हाथ मूंह धूल कर खाना खाने लगी।
जब खाना खत्म होने वाला था तो मां आती है और पूछतीं हैं आज तुम्हारा रिज्लट आने वाला था ।
आया क्या??
बिटिया को याद आया तब वह कुछ देर के लिए परिणाम के उत्साह में उत्साहित होकर मां के पैर छूकर बोली हां मां मैं पूरे प्रदेश में प्रथम आई हूं।
मां यह सुनकर झट बिटिया को गले लगा कर उसे ढेर सारा प्यार किया , कुछ देर के लिए दोनों अपनी चिंताएं भूलकर एक दूसरे से बातें करती रहीं थोड़ी देर बाद मां आज खाने में सारी चीज़ें बिटिया के पसंद का बनाने लगी। बिटिया भी मां का हाथ बंटाने लगी। दोनों ख़ुशी ख़ुशी खाना खा कर एक पास ही बात करते करते सो गईं।
नई सुबह थी मां के अंदर भी एक अलग उमंग भरी थी ,मां ने एक बार फिर से कोशिश करने की ठानी ताकि वो अपनी बिटिया को उसकी मन पसंद स्कूटी दिला सके। मां अब और काम करने लगी दिन रात मेहनत करती थी । कुछ दिनों में बिटिया को बाहर जाना था पढ़ने के लिए पर मां के पास अभी भी उतने पैसे इकट्ठे नहीं हुए कि वो स्कूटी खरीद सके, मां एक बार फिर हार रही थी ।
अब मां ने सोच लिया था आज मैं उससे कह दूंगी तू परेशान न हो मैं कुछ महीनों में पूरे पैसे इकट्ठे कर के तेरे लिए तेरी पसंद की स्कूटी खरीद दूंगी। मां हिम्मत जुटा रही थी कि कैसे कहूं जिससे बिटिया समझ जाए उसे तकलीफ न हो कि मां इतना भी नहीं कर सकती हैं मेरे लिए। इस बारे में सोच सोच कर घर में इधर उधर चल रही थी तब तक बीटिया हर रोज़ की तरह घर आ गई।
बीटिया के मुख पर एक अच्छी सी मुस्कान थी मां उसे देख कर सोण रही थी कैसे बोलूं क्या बोलूं तब तक बिटिया बोल पड़ी क्या बात है मां कुछ कहना चाहती हो ,मां की आवाज़ में लडखडाहट थी मां बोली हां कुछ बताना था तुझे , झट से मां की बात काटते हुए बीटिया उछल पड़ी मां के दोनों हाथों को पकड़ कर बोली मां मुझे भी तुमको एक बहुत अच्छी बात बतानी है पहले मेरी बात सुनो ,आज सुबह ही स्कूल से फोन आया था 'मुझे सरकार की तरफ से ४०००० हजार रुपए मिलेंगे क्योंकि मैं प्रदेश में प्रथम आई हूं,अब आप यह पैसे रख लिजियेगा वह आपके काम आएंगे।यह बात सुन कर मां की आंखें भर आईं।
आज मां की मेहनत रंग लाई थी।
मां मन ही मन ईश्वर का धन्यवाद कर रही थी । वह उसके आत्मसम्मान को बचाने के लिए आभार प्रकट कर रही थी। मां जब जब टूटने लगती थी ईश्वर उनकी मदद जरूर करते थे।
##अर्थात हमें अपने कार्य पूर्ण मेहनत और लगन से करना चाहिए और सब कुछ ईश्वर पर छोड़ देना चाहिए। वो हर वक्त साथ देते हैं ।

Heart touching story ....no word 👍👌
जवाब देंहटाएंThank u 😊
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