##मंजिल ##सफलता

 

आंखों में जो मंजर है निखर कर जमीं पर उतरेगा अफसानों जैसा मेरा वजूद एक दिन हकीक़त बन कर संवरेगा ।

वक्त को जो आसार है परिवर्तन बन कर निखरेगा   फौलाद जैसा मेरा हौसला एक दिन नया इतिहास रचेगा ।

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