Motivational quotes in hindi
अब हिम्मत न थी मुझमें चलने की, जैसे कि मैं बेजान सा पड़ा था।
तब तक दिख गई मुझे समुन्दर की वो लहरें ,जो कोशिश करने पर अड़ी थी
आकर उन्हें किनारे से मिलना है, जो,सौ मिल दूर खड़ी थीं।
ख्वाइशों का मंजर टूट सा गया था, आंखें नम हुई मेरी
जैसे इस वक्त में मैं खुद अपने हाथों से छूट सा गया था।
उन आंखों के आंसू में मुझे मां की झलक सी मिली
कह रही थी तू गुरूर है मेरा ,इतनी जल्दी खुद से रूठ कैसे गया।
रास्तों पर कांटे थे पैरों में मेरे छाले थे ,दिल थम सा गया था
हिम्मत मेरी टूट सी गयी थी, मैं खुद से ही कुछ रूठ सा गया था
तब तक आवाज़ आई एक अंदर से, ऐसे कैसे तू रुक गया, नजरें तेरी जिसे ढूंढ रही हैं वो मंजिल तेरी सामने खड़ी है।
अब बचा नहीं कुछ मेरे पास उम्मीदें सारी छूट गई, देखें थे जो सपने वो शीशे की तरह टूट गए
दिख गई मुझे परछाईं तब तक ,कह रही थी बाकी हैं कुछ करतब अभी तक, जीत तेरी होगी साथ हूं मैं जब तक।
काला बादल घेरा था जीवन में मेरे हर जगह अंधेरा था, सांसें रुकने वाली थी नजरें झुकने वालीं थी
दिल ने दिया झटका तब तक ,सून मेरी आवाज़ को ,पहचान अपने जज़्बात को ,ख़ामोश क्यों है बोलता रह तू अपनी बात को।
ख़ामोश हो रहा हूं मैं ना जाने क्यों जी रहा हूं मैं
धुंधला रहीं हैं राहें मेरी, अब कमजोर हो रही हैं बाहें मेरी।
हलचल हुई कंधों में तब तक ,थाम हाथ उनका जिन्होंने दी है तुझको ये हिम्मत ।
पल पल मैं हार रहा था ,मन के किसी कोने में ये आदतें पाल रहा था, आज न होगा ,कल पर हर चीज को टाल रहा था
समय ने बताया मुझे ,जो करना है आज तू कर ,शुरू होगा नया दौर, तू आगाज़ तो कर।
खुद को पहचान तू अब ,कर कुछ नया काम तू अब
जीतेगा तू खुद पर विश्वास तो कर ,एक लंबी सांस लेकर तू नई शुरुआत तो कर।


🙏🙏👏👏👏👏ooo bhai gjb👌👌
जवाब देंहटाएंDhanyawad
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